मस्लिमों पर बयान ने बढ़ाई मेनका गांधी की मुसीबत, कारण बताओ नोटिस जारी
चुनावी दंगल जारी है और इसी बीच हो रहे चुनावी रैलीयां और भाषण भी जारी हैं। चुनाव के समय कितना मानसिक दबाव होता है प्रत्याशी नेता पर ये कहीं न कहीं देखने को मिल ही जाता है। ऐसे में ही बीजेपी सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र तूराबखानी में अपने भाषण के दौरान मुस्लिम वोटरों के विषय में कुछ ऐसे वक्तव्य कह डाले जिससे वो वोट हांसिल करने के बजाय अपने वोट गवां भी सकती हैं।
हुआ कुछ यूं कि मेनका गांधी ने तूराबखानी में लोकसभा चुनाव के लिये आयोजित चुनावी सभा में मुस्लिम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग हमारे पक्ष में मतदान करें क्यूंकि चुनाव के पश्चात आपको हमारी आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मैं लोगों के सहयोग, उनके प्यार की वजह से चुनाव जीत रही हूँ किन्तु यदि यह विजय मुस्लिम वोटरों के मतदान के बिना होगा तो हमें बहुत खुशी नहीं होगी। वह अपनी बातों में उलझ तब गयीं जब उन्होने कहा कि बाद में जब कोई मुसलमान आता है नौकरी के लिए तो मैं भी सोचती हूँ जाने दो क्या फर्क पड़ता है यह नौकरी भी तो एक सौदेबाजी ही है।
उन्होने पीलीभीत का उदाहरण देते हुए कहा कि आप वहां की जनता से पूछ लीजिए कि मेनका गांधी का व्यवहार कैसा था वहां यदि आपको मेरे अंदर कोई गुस्ताखी नजर आए तो मुझे वोट मत कीजिएगा। यदि आपको लगता है कि मैं खुले हाथों से खुले हृदय से आपके बीच आयीं हूं तो आपको कल मेरी आवश्यकता पड़ेगी अपना समर्थन मुझे प्रदान करें। मेनका गांधी ने यह भी कहा कि हम महात्मा गांधी की संतान नहीं हैं कि हम बस चीजें देते रहे और बदले में कुछ न मिले।
ऐसे भाषण की वजह से जिले के चुनाव अधिकारियों ने मेनका गांधी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कहा गया है कि तीन दिनों के भीतर उसका जवाब देना होगा। दिल्ली में चुनाव आयोग भी मेनका गांधी के भाषण का परीक्षण करने में जुटा है। इस दौरान कांग्रेस ने मुस्लिम मतदाताओं के संदर्भ में चुनावी कदाचार के लिए चुनाव आयोग से उनका नामांकन खारिज करने का आग्रह किया है। यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के भड़काने के लिए मेनका गांधी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि चुनावी दौड़ में अपनी असमर्थता की वजह से मोदी जी और उनके मंत्री बौखला गए हैं इसी वजह से वो जनता को कभी जाति का नाम लेकर, कभी धर्म का नाम लेकर और कभी उत्तर-दक्षिण भारत का नाम लेकर भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जी आप अपने इस प्रपंच से अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



